अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के खेतों में पहुंचे कांग्रेस जिला अध्यक्ष, खेतवार सर्वे कर मुआवजे की मांग
बैतूल। कांग्रेस जिला अध्यक्ष हेमन्त वागद्रे ने बैतूल विधानसभा क्षेत्र के टाहली, कुमली गढ़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों का दौरा किया। श्री वागद्रे ने क्षेत्र के किसानों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके खेतों में जाकर फसलों की बर्बादी का निरीक्षण किया। किसानों ने बताया कि इस वर्ष लगातार बारिश से उनकी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
श्री वागद्रे ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उनके साथ है। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जिन किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं, उनके लिए सरकार को तुरंत खेतवार सर्वे कराकर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। वागद्रे ने कहा कि किसानों की स्थिति बेहद चिंताजनक है और उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सर्वे कार्य में कोई देरी न हो और किसानों को उनके नुकसान का उचित मुआवजा शीघ्र मिले।
कांग्रेस का किसानों के प्रति समर्थन
श्री वागद्रे के साथ इस दौरे में कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तरूण कालभोर, यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष मिथलेश राजपूत, राजेश गवांडे, मंगू सोनी, प्रतीक देशमुख, मनोज धोटे, रत्नेश देशमुख, गिरिश साबले, विनोद यादव, मुकेश यादव, बबलू धुर्वे, बलराम मस्की, मोनू पवांर, सेंटी वाघमारे, विशाल गलफट, अंशु गीद, दिनेश देशमुख, अनिल देशमुख, मनीष देशमुख, सुरेश कबाड़े, दशरथ काका, टिंकू पटेल, गोलू देशमुख, हरिहर राव, नागौर राव देशमुख और रोहित कोटकड़े आदि उपस्थित थे। इन सभी नेताओं ने किसानों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
मुआवजा न मिलने पर होगा विरोध
श्री वागद्रे ने कहा कि यदि सरकार किसानों को जल्द मुआवजा नहीं देती है, तो कांग्रेस किसानों के समर्थन में बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के साथ हो रहे इस अन्याय को सहन नहीं किया जाएगा और कांग्रेस उनके हक की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। उन्होंने कहा कि किसानों का दर्द समझना और उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाना सरकार का कर्तव्य है।
प्रभावित गांवों में जल्द सर्वे की आवश्यकता
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि टाहली, कुमली गढ़ा और आसपास के गांवों में प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जाए और जल्द से जल्द खेतवार सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि बारिश से फसलें नष्ट होने के बाद किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है, इसलिए मुआवजा देने में देरी नहीं होनी चाहिए।

